जम्मू कश्मीर सोनमर्ग में भीषण हिमस्खलन से हड़कंप, बाल-बाल बची सैकड़ों जिंदगियां
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कुदरत का सफेद कहर: सोनमर्ग में भीषण हिमस्खलन से हड़कंप, बाल-बाल बची सैकड़ों जिंदगियां
श्रीनगर: एवलॉन्च जम्मू कश्मीर जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग से कुदरत के रौद्र रूप की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश को दहला दिया है। मंगलवार देर रात गांदरबल जिले के सरबल क्षेत्र में एक भीषण हिमस्खलन (Avalanche) हुआ। गनीमत यह रही कि इस भयानक प्राकृतिक आपदा में फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर
यह घटना रात करीब 10:12 बजे की है, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि कैसे पहाड़ों की ऊंचाइयों से बर्फ का एक विशाल सैलाब मलबे की तरह नीचे की ओर बढ़ा। देखते ही देखते सफेद बर्फ की इस दीवार ने रास्ते में आने वाले होटलों, निर्माण स्थलों और अन्य अस्थाई इमारतों को अपनी आगोश में ले लिया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि हिमस्खलन की गड़गड़ाहट इतनी तेज थी कि लगा जैसे कोई बड़ा धमाका हुआ हो।
प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, एक बड़ा मानवीय हादसा होने से इसलिए टल गया क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों के लिए पहले ही ‘हाई-डेंजर’ अलर्ट जारी कर दिया गया था। रात का समय होने के कारण अधिकांश लोग घरों और सुरक्षित होटलों के भीतर थे। अगर यही घटना दिन के समय या पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान होती, तो परिणाम अत्यंत घातक हो सकते थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और सेना की टुकड़ियों ने स्थिति का जायजा लिया।
जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने पूरी कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से काट दिया है। केवल सोनमर्ग ही नहीं, बल्कि गुलमर्ग और पहलगाम जैसे इलाकों में भी बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई है।
- यातायात ठप: बर्फबारी और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है।
- उड़ानें रद्द: खराब दृश्यता (Visibility) के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिचालन पूरी तरह ठप है, जिससे लगभग 58 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
अगले 24 घंटे चुनौतीपूर्ण
आपदा प्रबंधन विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सख्त हिदायत दी है कि वे पहाड़ी ढलानों, नदी किनारों और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों (Avalanche prone areas) की ओर न जाएं। बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार गिरती बर्फ काम में बाधा डाल रही है।
