मिशन ग्लोबल यूपी: विकास की नई रफ्तार को धार देने सिंगापुर और जापान जा रहे सीएम योगी
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मिशन ग्लोबल यूपी: विकास की नई रफ्तार को धार देने सिंगापुर और जापान जा रहे सीएम योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन इकोनॉमी’ बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर वैश्विक मंच पर उतरने जा रहे हैं। सूबे में निवेश की संभावनाओं को नई ऊंचाई देने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से सीएम योगी जल्द ही सिंगापुर और जापान के दौरे पर रवाना होंगे।
करीब 9 साल के लंबे अंतराल के बाद मुख्यमंत्री का यह दूसरा विदेश दौरा होगा। इससे पहले साल 2017 में उन्होंने म्यांमार की यात्रा की थी। अब, ‘इन्वेस्ट यूपी’ की टीम का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री दुनिया की दिग्गज कंपनियों के सामने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का रोडमैप रखेंगे।
9 साल बाद दूसरा विदेश दौरा, लक्ष्य बड़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद से उन्होंने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में सफलता हासिल की है। अब उनकी नजर वैश्विक निवेश को सीधे तौर पर यूपी के उन सेक्टर्स में लाने की है, जहाँ सिंगापुर और जापान की महारत जगजाहिर है।
सिंगापुर और जापान ही क्यों?
सिंगापुर और जापान दोनों ही देश उत्तर प्रदेश के विकास में लंबे समय से रणनीतिक भागीदार रहे हैं।
- सिंगापुर: अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में सिंगापुर की कंपनियां यूपी में भारी निवेश के लिए उत्सुक हैं।
- जापान: सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में जापान का लोहा पूरी दुनिया मानती है। ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के पास जापानी सिटी बसाने की योजना पहले से ही पाइपलाइन में है, जिसे इस दौरे से नई गति मिलने की उम्मीद है।
इन्वेस्ट यूपी की टीम को करेंगे लीड
इस उच्च स्तरीय दौरे में मुख्यमंत्री के साथ भारी उद्योग, आईटी और निर्यात प्रोत्साहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। सीएम योगी वहां रोड शो करेंगे, बिजनेस टू गवर्नमेंट (B2G) मीटिंग्स करेंगे और प्रमुख औद्योगिक समूहों के सीईओ से सीधे संवाद करेंगे। उनका मुख्य जोर इस बात पर होगा कि यूपी अब न केवल सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है, बल्कि यहां की सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली और बेहतर कनेक्टिविटी (एक्सप्रेस-वे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स) निवेशकों के लिए सोने पर सुहागा है।
बदलेगा उत्तर प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम योगी के इस व्यक्तिगत हस्तक्षेप से विदेशी निवेशकों का भरोसा और बढ़ेगा। जिस तरह से उत्तर प्रदेश ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए लाखों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव जुटाए थे, यह विदेश दौरा उन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और नए द्वार खोलने का काम करेगा।
आने वाले दिनों में इस दौरे की रूपरेखा और तारीखों का आधिकारिक ऐलान होने की संभावना है, लेकिन लखनऊ से लेकर टोक्यो और सिंगापुर तक हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की जनता और उद्योग जगत की निगाहें अब मुख्यमंत्री के इस ‘मिशन इन्वेस्टमेंट’ पर टिकी हैं।
