Lucknow: डेटिंग ऐप पर ‘हनीट्रैप’ का खौफनाक खेल, अलीगंज पुलिस ने लुटेरों के गैंग का किया पर्दाफाश
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Lucknow: डेटिंग ऐप पर ‘हनीट्रैप’ का खौफनाक खेल, अलीगंज पुलिस ने लुटेरों के गैंग का किया पर्दाफाश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर अपराध करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अलीगंज पुलिस ने सोमवार को एक ऐसे गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो डेटिंग ऐप्स के जरिए लोगों को प्रेम जाल में फंसाते थे और फिर डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम लूट लेते थे।
पुलिस की इस कार्रवाई से उन अपराधियों में हड़कंप मच गया है जो सोशल मीडिया और मोबाइल ऐप्स को अपराध का जरिया बना रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर सुबह 6 बजे हुई गिरफ्तारी
अलीगंज पुलिस पिछले कुछ समय से इस गिरोह की तलाश में थी। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि डेटिंग ऐप के जरिए मिलने बुलाकर लोगों के साथ लूटपाट की जा रही है। सोमवार सुबह करीब 6 बजे, पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी सेक्टर-ई कूड़ा घर के पास मौजूद हैं।
घेराबंदी कर पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और गिरोह के नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
कैसे जाल बिछाता था यह गिरोह? (Modus Operandi)
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देता था:
- डेटिंग ऐप पर दोस्ती: गिरोह का एक सदस्य फर्जी प्रोफाइल या डेटिंग ऐप के जरिए शिकार (Victim) को खोजता था और उससे दोस्ती कर मिलने के बहाने किसी कमरे या घर पर बुलाता था।
- कमरे में एंट्री: जैसे ही पीड़ित उस सदस्य से मिलने पहुंचता, गिरोह का वह सदस्य चुपके से अपने साथियों को मैसेज भेज देता था।
- फर्जी रेड और वीडियो: कुछ ही देर बाद गिरोह के अन्य सदस्य दरवाजे पर दस्तक देते और जबरन अंदर घुस जाते। वे खुद को रसूखदार या पीड़ित का हितैषी बताकर उसका वीडियो बनाना शुरू कर देते थे।
- नाबालिग का डर और ब्लैकमेलिंग: आरोपी पीड़ित पर आरोप लगाते कि वह किसी ‘नाबालिग’ के साथ आपत्तिजनक कृत्य कर रहा है। वीडियो वायरल करने और पुलिस केस की धमकी देकर वे पीड़ित से कैश, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे।
पुलिस का आधिकारिक बयान
इस पूरे मामले पर एडीसीपी (उत्तरी) ऋषभ रुणवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था। उन्होंने कहा:
”गिरोह के सदस्य पीड़ित को सामाजिक बदनामी और जेल जाने का डर दिखाकर मानसिक रूप से तोड़ देते थे, जिससे पीड़ित लोक-लाज के भय से पुलिस के पास नहीं जा पाता था। हमने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
सावधानी ही बचाव है: पुलिस की अपील
लखनऊ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनजान डेटिंग ऐप्स या सोशल मीडिया पर होने वाली दोस्ती को लेकर सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के बुलावे पर एकांत स्थानों पर जाने से बचें। यदि कोई आपको ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या 112 पर सूचना दें।
